गूगल कोरोना संकट को देखते हुए स्कूलों के लिए अच्छी खबर लाया है. गूगल ने ऐलान करते हुए बताया कि 30 सितंबर तक स्कूलों के लिए प्रीमियम मीट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं मुफ्त दिया जा रहा है. कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच दुनियाभर के देशों में लॉकडाउन के चलते लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, जिसके चलते गूगल मीट ने प्ले स्टोर पर 50 मिलियन (पांच करोड़) डाउनलोड को पार कर लिया है और कुछ ही हफ्तों के अंदर इसके यूज़र बेस में 900 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई हैं./ मीट मौजूदा समय में 3 अरब (बिलियन) मिनट के वीडियो मीटिंग को होस्ट कर रहा है और हर दिन लगभग 30 लाख (3 मिलियन) नए यूजर्स इससे जुड़ रहे हैं.गूगल ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन सीखने और शैक्षिक उपकरणों तक पहुंच प्रदान करने में मदद के लिए उसके G Suite फॉर एजुकेशन टूल्स का इस्तेमाल किसी भी डिवाइस से किया जा सकता है. दिग्गज कंपनी ने ये भी कहा कि दुनिया भर के 12 करोड़ (120 मिलियन) से ज़्यादा टीचर और स्टूडेंट को एक साथ काम करने और सीखने में ये मदद करता है. इसके अलावा कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में गूगल ऐसे भी कई प्रयास कर रहा ताकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग को पालन कर सकें और संक्रमित होने से बचें. अब इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एक नया ऐप लॉन्च किया है, जिसकी मदद से ऑग्मेंटेड रिएल्टी का सहारा लेकर रियल लाइफ में भी सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने में आसानी होगी. फिलहाल ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है लेकिन इसे अलग से इस्तेमाल किया जा सकता है. एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए इस ऐप को क्रोम ब्राउजर के ज़रिए एक्सेस किया जा सकता है. गूगल द्वारा लॉन्च किये गये इस ऐप को नाम ‘Sodar’ है, जो यूजर्स के स्मार्टफोन कैमरा की मदद से विजुअल बाउंड्री बनायेगा. यह ऐप लगातार मॉनिटर करता है कि कहीं सोशल डिस्टेंसिंग रूल्स को तोड़ा तो नहीं जा रहा है. कंपनी ने दावा किया है कि Sodar यूजर की एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइंस को विजुअलाइज करने के लिए WebXR की मदद लेती है. इसके बाद यह ऑग्मेंटेड रिएल्टी की मदद से दो मीटर रेडियस की एक विजुअल रिंग बनाती है.
Sunday, 31 May 2020
Friday, 29 May 2020
देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश का अनुमान, 1 जून को दस्तक देगा मॉनसून
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हुई हल्की बारिश से झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज के साथ आंधी-तूफान आने और हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वानुमान लगाया है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी कम होगी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिन तक पश्चिम बंगाल में बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया. राष्ट्रीय राजधानी में शाम को बादल छाए रहने और तेज हवा के साथ हुई छिटपुट बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिली. शाम के समय शहर में तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई. इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. 47 डिग्री अधिकतम तापमान रहने के बाद 41.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. निचले स्तर पर ताजा पश्चिमी विक्षोभ और पुरवैया हवाएं चलने के कारण मौसम में बदलाव हुआ.30 मई को दिल्ली-एनसीआर में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश व तूफान आने की आशंका है./ बारिश की बौछारों ने पहाड़ी राज्यों का मौसम भी सुहाना कर दिया. उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम के बदलने से तापमान में गिरावट देखने को मिली. उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग में हल्की बारिश हुई. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के आसार बन रहे हैं. यहां 31 मई तक तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. इस बीच मॉनसून के आहट का भी अहसास होने लगा है. मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात की स्थिति बनने की वजह से दक्षिण पश्चिम आमतौर पर भी मॉनसून केरल में एक जून को दस्तक दे देता है. बहरहाल, बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात की स्थिति बनने के कारण मॉनसून की प्रगति में मदद मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, 31 मई तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. साथ में 30-31 मई को केरल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश हो सकती है. विभाग ने त्रिपुरा और मिजोरम में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश और असम तथा मेघालय में तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है.
1 जून से लागू होगा लॉकडाउन 5.0? पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह कर रहे हैं मंथन
1 जून से देश में लॉकडाउन बढ़ेगा या खत्म होगा? लॉकडाउन में छूट मिलेगी या सख्ती फिर बढ़ेगी? सबके मन में अभी इसी तरह के सवाल हैं। इस बीच पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मंथन में जुटे हैं। राज्यों से फीडबैक लेने के बाद गृहमंत्री अमित शाह पीएम मोदी से चर्चा करने के लिए पहुंचे हैं। एक-दो दिन में केंद्र सरकार लॉकडाउन पर अपने फैसले की घोषणा कर देगी। कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए देश में 24 मार्च से ही लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन 4.0 दो दिन बाद यानी 31 मई को खत्म हो रहा है। लॉकडाउन के चौथे चरण में काफी ढील दी गई और कई फैसले राज्यों पर छोड़ दिए गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से बात की और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार-विमर्श किया था। लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति से महज तीन दिन पहले गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बातचीत की। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्रियों की राय का पता नहीं लग पाया है लेकिन यह समझा जा रहा है कि उनमें से अधिकतर कुछ रूप में लॉकडाउन जारी रखना चाहते हैं। साथ ही वे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जन-जीवन को सामान्य बनाने के पक्ष में भी हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ''गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने।'' मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान शाह ने राज्यों के चिंताजनक स्थिति वाले क्षेत्रों के बारे में उनके विचार जाने और 1 जून के बाद किन क्षेत्रों को खोलना चाहते हैं, इस बारे में भी उनसे राय ली गई। दिलचस्प है कि अभी तक हर चरण में लॉकडाउन बढ़ाने के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बात कर उनके विचार जान रहे थे। पहली बार गृह मंत्री ने लॉकडाउन के खत्म होने के पहले मुख्यमंत्रियों से बात कर उनके विचार जाने है। इस बीच कोरोना वायरस संक्रमण देश में तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 7466 नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में सामने आए अब तक के सबसे ज्यादा पॉजिटिव मामले हैं। कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1,65,799 हो गई है। इसके अलावा अभी तक 4706 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय कोरोना के 89987 सक्रिय मरीज हैं। इसके अलावा अब तक 71105 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 4706 लोगों ने जान गंवाई है। महाराष्ट्र में कोविड 19 मरीजों की संख्या 59546 पहुंच गई है। इसमें से 18616 लोग ठीक हुए और 1982 लोगों की मौत हुई।
सूरत से लौटा शख्स प्रयागराज से पहुंचा कानपुर, न कोई सैंपल ने टेस्ट, खुद ही खेत में हुआ क्वारेंटाइन
उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर ब्लाक के मोहन नगर गांव के सौरभ कुशवाहा गुजरात के सूरत से श्रमिक एक्सप्रेस (से वापस लौटे हैं. लॉकडाउन के दौरान वह सिलाई कारखाने में काम करते थे, जहां काम बंद हो गया. श्रमिक एक्सप्रेस के माध्यम से वह 25 मई को इलाहाबाद पहुंचे. और फिर पैदल गांव पहुंचे .जब सौरभ की गांव पहुंचने की सूचना ग्रामीणों में लगी तो वह चर्चा का विषय बन गई कि आखिर बिना स्क्रीनिंग के वह गांव कैसे आ गया? किसी को तकलीफ न हो इसलिए सौरभ ने बताया कि उसने अपने घरवालों को फोन करके बताया कि वह गांव आ गया है. मगर घर नहीं आएगा. न तो प्रयागराज में उसका ब्लड सैंपल लिया गया और न ही कानपुर के भौंती पहुंचने पर किसी ने सैंपल लिया. इसके बाद सौरभ ने अपने घर न जाकर अपने खेतों पर खुद मचान बनाकर अपने आपको क्वारेंटाइन कर लिया है./ सौरभ ने बताया की पहली रात खेत पर मचान बनाकर गुजारी. जब गांव के स्वास्थ्यकर्मी आशा बहू व जिम्मेदार लोगों ने सुध नहीं ली तो उसने गुरुवार को कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर थर्मल स्कैनिंग कराई. शारीरिक ताप सामान्य था तो डॉक्टर ने घर जाकर आराम करने की सलाह दी. सौरभ ने बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उसने मौजूद चिकित्सक से यह बताया कि वह श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आया है और इतना लंबा सफर तय करके आया है इसलिए वह नहीं चाहता कि कहीं उसकी वजह से किसी प्रकार की कोई तकलीफ गांव वालों को हो. उसका ब्लड सैंपल लिया जाए? मगर डॉक्टरों ने उसे वहां से टरका दिया. फिर वह खेत पर आया और मचान में जाकर रुक गया./ पिता राम प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि गांव में सभी को सौरभ के आने की जानकारी है. स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के जिम्मेदारों ने एक बार भी उनकी सुध लेने तक का प्रयास नहीं किया. यह पूछे जाने पर कि सौरभ को खाना कहां से मिलता है? तो सौरभ के पिता ने बताया कि हम दूर से ही खेत की मोड़ पर खाना रख देते हैं और वह थोड़ी देर बाद आकर उसे खुद ले जाता है.वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है और वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इसकी रिपोर्ट मंगाते हैं कि आखिर सैंपल क्यों नहीं लिया गया? और उसे क्वॉरेंटाइन क्यों नहीं कराया गया?
साल 1993 के बाद टिड्डी का सबसे बड़ा हमला, सरकार ने बनाया इन्हें खत्म करने का पूरा प्लान
नई दिल्ली. टिड्डी दल (Locust Attack) ) छोटे-छोटे कीड़ों का झुंड होता है. इस झुंड में लाखों कीड़े शामिल होते हैं. कीड़ों का ये झुंड उत्तर पूर्वी अफ्रीका में तैयार होता है. ये ग्रासहॉपर समुदाय का एक सदस्य होता है. ये टिड्डे अपना झुंड बनाकर एक इलाके से दूसरे इलाके जाते हैं. आमतौर पर ये कीड़े अगर कम संख्या में हों तो खेती को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते. लेकिन जब ये लाखों की तादाद में झुंड में होते हैं तो तबाही मचा देते हैं. टिड्डी हमले (locust attack) को रोकने के लिए हर साल भारत-पाकिस्तानके अधिकारियों के बीच 6 बैठकें होती हैं. ताकि टिड्डी की स्थिति से संबंधित सूचना का आदान-प्रदान करके इसे रोका जा सके. लेकिन इस छोटे लेकिन घातक दुश्मन को खत्म करने में पाकिस्तान दिलचस्पी नहीं दिखाता. भारत पर जब भी टिड्डी दल का हमला होता है वह पाकिस्तान की तरफ से होता है. पाकिस्तान की ओर से होने वाले खेती के दुश्मन टिड्डियों का हमला इस बार राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके तक पहुंच गया है. सरकार की योजना-इन्हें मारने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय में लगातार बैठकें चल रही हैं, फैसले लिए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हालात ये है कि टिड्डियां सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत में डेरा डाले हुए हैं. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि टिड्डियों के नियंत्रण के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल होगा. इसके लिए डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने अनुमति दे दी है/ टिड्डी चेतावनी संगठन (Locust Warning Organization) के जाइंट डायरेक्टर डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि सरकार इसके नियंत्रण के लिए प्रयासरत है. लेकिन पाकिस्तान ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया. ये वहीं से आते हैं. यह इस बार थोड़ा जल्दी आ गया है. उधर फसलें नहीं हैं इसलिए यह तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है
Monday, 25 May 2020
चिंता न करें जल्द मिलेगी कोरोना से मुक्ति, जानें उत्तर भारत में कब तक खत्म होगा यह Virus
कोरोना को लेकर नया शोध हुआ है और यह बेहद राहत देनेवाला व उम्मीद जगाने वाला है। अगर यह शोध सही रहा तो कोरोना का खात्मा अब ज्यादा दूर नहीं है। शोध के मुतााबिक पंजाब सहित उत्तर भारत में कोरोना संक्रमण का प्रभाव जुलाई अंत या अगस्त के पहले हफ्ते तक खत्म हो सकता है। यानि हमने थोड़ा धैर्य दिखाया तो इस महामारी से छुटकारा मिल सकता है। बठिंडा स्थित पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (पीसीयू) और शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने यह शोध किया है। इस संयुक्त अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना जुलाई माह के अंत या अगस्त माह में उत्तर भारत खत्म होने की उम्मीद है। इस स्टडी के लिए ससेप्टेबल इन्फेक्टेड रिकवर्ड (एसआइआर) मॉडल का इस्तेमाल किया गया है।इस संयुक्त अध्ययन में एसआइआर मॉडल से अतिसंवेदनशील मामलों, संक्रमित मामलों और ठीक हुए मरीजों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। इसके अनुसार जून के दूसरे हफ्ते में पंजाब में संक्रमितों की संख्या चरम पर जाकर कम होने लगेगी। यह संख्या 10 जून तक न्यूनतम 2548 से लेकर अधिकतम 4708 तक रह सकती है। मृतकों की संख्या 200 पार होने की आशंका है।
जेल में बंद कुलदीप सेंगर की बेटी ने कांग्रेस नेता अल्का लाम्बा के खिलाफ दर्ज कराई FIR
उन्नाव. बहुचर्चित रेपकांड मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ने कांग्रेस नेता अल्का लाम्बा के खिलाफ FIR दर्ज करवाया है. दरअसल, कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए पीएम व गृहमंत्री के इशारे पर कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट से जमानत दिलाने का आरोप लगाया था, जिसका समर्थन एक अन्य कांग्रेस नेता धरना पटेल ने भी किया था. इसके बाद पूर्व विधायक की बेटी ने ट्वीट को राजनैतिक षडयंत्र बताते हुए पलटवार किया. उनका कहना है कि जब कोर्ट में जमानत की अर्जी ही नहीं दी गई तो जमानत कैसे मंजूर होगी? सेंगर की बेटी ने उन्नाव के एसपी से मुलाकात कर अल्का लाम्बा के ट्विटर को आधार बनाकर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है सज़ायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा व धरना पटेल के ट्विटर अकाउंट से 23 मई को पीएम व गृह मंत्री, भाजपा सांसद साच्छी महराज के इशारे पर कोर्ट से जमानत मिलने का कमेंट ट्वीट किया गया था. इस पर राजनैतिक गलियारों में बहस चली थी. आखिर कुछ घंटे बाद क्लियर हो गया था कि कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत नहीं हुई है. कुलदीप की बेटी व समर्थकों ने रिट्वीट कर अल्का लाम्बा की जानकारी पर सवाल भी खड़े किए. रविवार की शाम कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर परिजनों के साथ एसपी (उन्नाव) के कैम्प कार्यालय पहुंचीं और उन्हें दिल्ली की कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा व धारना पटेल के ट्वीट को फेक बताते हुए परिवार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के साथ ही भ्रामक जानकारी की शिकायत की. वहीं, एसपी के आदेश पर आईटी एक्ट के तहत सदर कोतवाली उन्नाव में अल्का लाम्बा के ट्विटर अकाउंट को आधार बनाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है. एसपी विक्रन्त्वीर ने बताया कि शिकायत के आधार पर अल्का लाम्बा व धरना पटेल के खिलाफ सदर कोतवाली को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, और विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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